waqt-e-rukhsat mirii maa ne mira maatha chooma | वक़्त-ए-रुख़्सत मिरी माँ ने मिरा माथा चूमा

  - Qamar Aasi
वक़्त-ए-रुख़्सतमिरीमाँनेमिरामाथाचूमा
मंज़िलोंनेतभीबढ़करमिरातलवाचूमा
दीमुअज़्ज़िनकोदवानींदकीऔरफिरकलशब
हमनेजीभरकेतुम्हेंख़्वाबमेंदेखाचूमा
जिसतरहक़ीमतीशयकोकोईमुफ़्लिसदेखे
आँखोंआँखोंमेंउसेहमनेसराहाचूमा
हमनेसोचाथाकिसैराबीमुयस्सरहोगी
तिश्नगीऔरबढ़ीहैउसेजितनाचूमा
एकमिसरेमेंसुनोवस्लकापूराक़िस्सा
अज़इशा-ता-ब-सहरयारकोचूमाचूमा
इसतरीक़ेसेनहींप्यारजतायामुझसे
जिसतरीक़ेसेहैउसनेमिराबच्चाचूमा
येबदनदश्तसेगुलशनहुआआख़िरकैसे
आँखचूमीहैकिसीकीकिहैदरियाचूमा
मेरीआँखोंकेउजालोंकासबबहैइतना
नामसुनतेहीमोहम्मदकाअँगूठाचूमा
ठीकहोनेदियाज़ख़्म-ए-मोहब्बत'आसी'
हमनेता-उम्रइसेदिलसेलगायाचूमा
  - Qamar Aasi
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