aap nigah-e-mast se patthar ko aab keejie | आप निगाह-ए-मस्त से पत्थर को आब कीजिए

  - Qamar Aasi
आपनिगाह-ए-मस्तसेपत्थरकोआबकीजिए
थामिएआबहाथमेंऔरशराबकीजिए
कार-ए-वफ़ाकाजबनहींकोईसिलाजनाब-ए-इश्क़
बंदानयातलाशिएमेराहिसाबकीजिए
हीगएहैंआपतोइतनाकरमकिदोक़दम
चलकेहमारेसाथदिलसबकेकबाबकीजिए
चायमेंमतमिलाइएशकरकिहैज़रर-रिसाँ
शामिलमिठासवास्तेअपनालुआबकीजिए
हमनेकहाकिआपकेहोंटोंसेएककामहै
बंद-ए-नक़ाबखोलकरबोलेजनाबकीजिए
तोहमत-ए-ज़ोहदलेकेहमबैठेहुएहैंमुंतज़िर
कुछतोक़रीबआइएकुछतोख़राबकीजिए
दालनहींजनाबकीगलनेकीबज़्म-ए-हुस्नमें
उठिएनशिस्तछोड़िएबंदकिताबकीजिए
  - Qamar Aasi
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy