आक़िलहैबा-शुऊरहैकाफ़ीज़हीनभी
इसपरहैमुस्ताज़ादवोअज़-हदहसीनभी
बोसाकिसीभीफूलकाहमनेनहींलिया
रुख़्सारमुंतज़िररहेलबभीजबीनभी
घरलेलियाहैऐनतिरेघरकेसामने
औरइकख़रीदलायाहूँमैंदूरबीनभी
सबकामहोरहेहैंअजीबइसक़दरअजीब
लिखनेसेपहलेसोचतेहैंकातबीनभी
इकशोख़-ओ-शंगतिफ़्लछुपाहैदरून-ए-दिल
संजीदालगरहाहूँब-ज़ाहिरमतीनभी
आँखोंमेंजिसकीरहमहोहाथोंमेंरोटियाँ
वोशख़्समुफ़लिसोंकाधरमभीहैदीनभी
इंसानियतकेजिस्मपेचंदऐसेदाग़हैं
जिनपरहैशर्मसारफ़लकऔरज़मीनभी
हँसतेहुएमरेगाकोईदिलगज़ीदाशख़्स
आएगाइसड्रा
मेंकेअंदरवोसीनभी
अश'आरगरसफ़रनकरेंदिलसेदिलतलक
देतेनहींहैंदाद'क़मर'सामईनभी