mujh ko dekha na baat ki koi | मुझ को देखा न बात की कोई

  - Qaisar Usmani
मुझकोदेखाबातकीकोई
येभीआख़िरअदाहुईकोई
मुस्कुरानाभीक्याग़ज़बहैतिरा
जैसेबिजलीचमकगईकोई
कबसेहूँज़िंदगीकेसहरामें
छाँवअबतोमिलेघनीकोई
एकशबऔरदोहोंमाह-ए-तमाम
आएफिरऐसीइकघड़ीकोई
दिलकोछूनेसेजोरहेक़ासिर
वोभी'क़ैसर'हैशाइ'रीकोई
  - Qaisar Usmani
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