dil ki aag kahaan le jaate jaltee bujhti chhod chale | दिल की आग कहाँ ले जाते जलती बुझती छोड़ चले

  - Qaisar-ul-Jafri
दिलकीआगकहाँलेजातेजलतीबुझतीछोड़चले
बंजारोंसेडरनेवालोलोहमअपनीबस्तीछोड़चले
आगेआगेचीख़रहाहैसहराकाइकज़र्दसफ़र
दरियाजानेसाहिलजानेहमतोकश्तीछोड़चले
मिट्टीकेअम्बारकेनीचेडूबगयामुस्तक़बिलभी
दीवारोंनेदेखाहोगाबच्चेतख़्तीछोड़चले
दुनियारक्खेचाहेफेंकेयेहैपड़ीज़म्बील-ए-सुख़न
हमनेजितनीपूँजीजोड़ीरत्तीरत्तीछोड़चले
सारीउम्रगँवादी'क़ैसर'दोगज़मिट्टीहाथलगी
कितनीमहँगीचीज़थीदुनियाकितनीसस्तीछोड़चले
  - Qaisar-ul-Jafri
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