dast-e-tanhaai men kal raat hawa kaisi thii | दश्त-ए-तन्हाई में कल रात हवा कैसी थी

  - Qaisar-ul-Jafri
दश्त-ए-तन्हाईमेंकलरातहवाकैसीथी
देरतकटूटतेलम्होंकीसदाकैसीथी
ज़िंदगीनेमिरापीछानहींछोड़ाअबतक
उम्रभरसरसेउतरीयेबलाकैसीथी
सुनतेरहतेथेमोहब्बतकेफ़सानेक्याक्या
बूँदभरदिलपेबरसीयेघटाकैसीथी
क्यामिलाफ़ैसला-ए-तर्क-ए-तअल्लुक़करके
तुमजोबिछड़ेथेतोहोंटोंपेदु'आकैसीथी
टूटकरख़ुदजोवोबिखराहैतोमालूमहुआ
जिससेलिपटाथावोदीवार-ए-अनाकैसीथी
जिस्मसेनोचकेफेंकीभीतोख़ुशबूगई
येरिवायातकीबोसीदाक़बाकैसीथी
डूबतेवक़्तभँवरपूछरहाहै'क़ैसर'
जबकिनारेसेचलेथेतोफ़ज़ाकैसीथी
  - Qaisar-ul-Jafri
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