sitaare jab kisi mahtaab ka qissa sunaate hain | सितारे जब किसी महताब का क़िस्सा सुनाते हैं

  - Qaisar Siddiqi
सितारेजबकिसीमहताबकाक़िस्सासुनातेहैं
मिरेख़्वाबोंकेआँगनमेंउजालेमुस्कुरातेहैं
हक़ीक़तसामनेलानेसेजबदामनबचातेहैं
तोगिरकरआइनेहाथोंसेख़ुदहीटूटजातेहैं
हमेंतोमुस्कुरानेकेसिवाकुछभीनहींआता
हुजूम-ए-ग़ममेंभीहमलोगयूँँहीमुस्कुरातेहैं
चलोबादा-ख़्वारोचलकेउनकीख़ैरियतपूछें
सुनाहैशैख़साहबमय-कदेमेंपाएजातेहैं
मोहब्बतमेंनदामतकेसिवाकुछभीनहींपाया
मगरफिरभीमोहब्बतसेकहाँहमबाज़आतेहैं
तुमहीरूठेहुएहोजबहमारेदिलकीदुनियासे
चलोफिरहमभीअपनीज़िंदगीसेरूठजातेहैं
यहीहैफ़र्क़ज़ाहिदऔर'आशिक़कीइबादतमें
येअपनासरझुकाताहैवोअपनादिलझुकातेहैं
मिरीउम्मीदअक्सरचाहतीहैसुर्ख़-रूहोना
मगरहालातअक्सरमुझकोआईनादिखातेहैं
  - Qaisar Siddiqi
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