rah-e-hayaat ko aasaan banaa sako to chalo | रह-ए-हयात को आसाँ बना सको तो चलो

  - Qaisar Siddiqi
रह-ए-हयातकोआसाँबनासकोतोचलो
हमारासाथअगरतुमनिभासकोतोचलो
निगाह-ए-नाज़काजादूजगासकोतोचलो
क़दमक़दमपेनएगुलखिलासकोतोचलो
रह-ए-वफ़ामेंग़मोंकेबहुतअंधेरेहैं
हरएकहालमेंतुममुस्कुरासकोतोचलो
मिरेख़यालकीदुनियाहैमुझपेछाईहुई
मिरेख़यालकीदुनियापेछासकोतोचलो
बड़ेख़ुलूससेचेहरेफ़रेबदेतेहैं
निगाहबनकेदिलोंमेंसमासकोतोचलो
सजाकेरातकेमाथेपेचाँदकाझूमर
मुझेअंधेरेमेंरस्तादिखासकोतोचलो
नईहैराहतो'क़ैसर'नईनिगाहभीहो
नईहयातकेनग़्मेंसुनासकोतोचलो
  - Qaisar Siddiqi
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