fazaaon se guzarta ja raha hooñ | फ़ज़ाओं से गुज़रता जा रहा हूँ

  - Qaisar Siddiqi
फ़ज़ाओंसेगुज़रताजारहाहूँ
ख़लाओंमेंबिखरताजारहाहूँ
मैंरेगिस्तानमेंबैठाहूँलेकिन
समुंदरमेंउतरताजारहाहूँ
ज़मानालम्हालम्हाजीरहाहै
मैंलम्हालम्हामरताजारहाहूँ
वोजितनेदूरहोतेजारहेहैं
मैंउतनाहीसँवरताजारहाहूँ
चलाहूँअपनेसेदोहातकरने
मगरख़ुदसेभीडरताजारहाहूँ
मैंनुक़्ताबनकेइकमरकज़पेयारो
जानेक्यूँँठहरताजारहाहूँ
मिटानेपरभीमैंउर्दूकीमानिंद
सँवरताऔरनिखरताजारहाहूँ
मैंकालीझीलमेंडूबाथाख़ुदही
मगरख़ुदहीउभरताजारहाहूँ
मैं'क़ैसर'अपनीआँखोंसेटपककर
किसीदिलमेंउतरताजारहाहूँ
  - Qaisar Siddiqi
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