waaye qismat ki qareeb us ne na aanaa chaaha | वाए क़िस्मत कि क़रीब उस ने न आना चाहा

  - Qadir Siddiqi
वाएक़िस्मतकिक़रीबउसनेआनाचाहा
उम्रभरहमनेजिसेअपनाबनानाचाहा
क्याकहेंउसकोग़म-ए-दुनियानेकितनाघेरा
हमनेजिसदिलकोतिरेग़मसेसजानाचाहा
करदियाऔरभीमदहोशज़मानेनेउसे
तेरेदीवानेनेजबहोशमेंआनाचाहा
होगईऔरसिवालज़्ज़त-ए-ग़मकीतासीर
जबकभीहमनेतिरेग़मकोभुलानाचाहा
वक़्तकेशो'लोंसेमहफ़ूज़भलाक्यारहते
यूँँतोदामनकोबहुतहमनेबचानाचाहा
तेरीयादोंकेदिएजलतेरहेजलतेरहे
आंधियोंनेतोकईबारबुझानाचाहा
बसइसीजुर्मपेनाराज़हैंदुनियावाले
अपनेख़्वाबोंकामहलहमनेबनानाचाहा
जोउठाउसकोगिरानेकीतोसोचीसबने
जोगिराउसकोदुनियानेउठानाचाहा
क़स्र-ओ-ऐवाँकागिरानातोकोईबातथी
का'बा-ए-दिलकोभीकुछलोगोंनेढानाचाहा
जबभीसोचाकिहक़ीक़तछुपाएँ'क़ादिर'
हमसेदुनियानेनयाकोईबहानाचाहा
  - Qadir Siddiqi
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