rafeeq-o-monis-o-hamdum koi mila hi nahin | रफ़ीक़-ओ-मोनिस-ओ-हमदम कोई मिला ही नहीं

  - Qadir Siddiqi
रफ़ीक़-ओ-मोनिस-ओ-हमदमकोईमिलाहीनहीं
वोक्याजिएजिसेजीनेकाआसराहीनहीं
उसेहक़ीक़त-ए-उज़मासमझकेइतराए
वोनक़्श-ए-ज़ीस्तजोसचपूछिएबनाहीनहीं
ख़ुदाकेवास्तेकुछरौशनीघटादीजे
नज़रहैख़ीराकुछऐसीकिसूझताहीनहीं
हवासे-ओ-होश-ओ-ख़िरदसबवहाँसलामतहैं
जहाँनिगाहकाजादूकभीचलाहीनहीं
वोअपनीज़ातसेबाहरनिकलकेक्याजाए
वोदीदा-वरजोकिसीसम्तदेखताहीनहीं
तिरीनिगाहकेसदक़ेतिरीनज़रकेनिसार
गिराजोतेरीनज़रसेवोफिरउठाहीनहीं
उसएकबातकेक़ुर्बानजाइएकिजिसे
तमामउम्रकहाऔरकुछकहाहीनहीं
फ़साना-ए-दिल-ए-सद-चाककामआलपूछ
सुनातोउसनेमगरजैसेकुछसुनाहीनहीं
दिखाऊँभीतोकिसेदर्द-ओ-रंजकीतस्वीर
मिरेजहाँमेंकोईदर्द-आश्नाहीनहीं
मिरेरफ़ीक़मुझेदरस-ए-मस्लहतक्यूँदें
दिलोंकीबातहैयाँमस्लहतरवाहीनहीं
ज़मानाउससेख़ुशीक्यूँतलबकरे'क़ादिर'
जिसेग़मोंकेसिवाऔरकुछमिलाहीनहीं
  - Qadir Siddiqi
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