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Parvez Shaikh
eed meri khushi se to guzre
eed meri khushi se to guzre | ईद मेरी ख़ुशी से तो गुज़रे
- Parvez Shaikh
ईद
मेरी
ख़ुशी
से
तो
गुज़रे
तू
मिरे
घर
से
हो
के
तो
गुज़रे
मैं
ने
अब
चाँद
भी
नहीं
देखा
शब
तिरी
दीद
ही
पे
तो
गुज़रे
- Parvez Shaikh
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वो
आफ़ताब
लाने
का
देकर
हमें
फ़रेब
हम
सेे
हमारी
रात
के
जुगनू
भी
ले
गया
Rajesh Reddy
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घर
में
भी
दिल
नहीं
लग
रहा
काम
पर
भी
नहीं
जा
रहा
जाने
क्या
ख़ौफ़
है
जो
तुझे
चूम
कर
भी
नहीं
जा
रहा
रात
के
तीन
बजने
को
है
यार
ये
कैसा
महबूब
है
जो
गले
भी
नहीं
लग
रहा
और
घर
भी
नहीं
जा
रहा
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Tehzeeb Hafi
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मैं
रोज़
रात
यही
सोच
कर
तो
सोता
हूँ
कि
कल
से
वक़्त
निकालूँगा
ज़िन्दगी
के
लिए
Swapnil Tiwari
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तेरी
आँखों
के
लिए
इतनी
सज़ा
काफ़ी
है
आज
की
रात
मुझे
ख़्वाब
में
रोता
हुआ
देख
Abhishek shukla
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उम्र
शायद
न
करे
आज
वफ़ा
काटना
है
शब-ए-तन्हाई
का
Altaf Hussain Hali
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ये
ज़ुल्फ़
अगर
खुल
के
बिखर
जाए
तो
अच्छा
इस
रात
की
तक़दीर
सँवर
जाए
तो
अच्छा
जिस
तरह
से
थोड़ी
सी
तेरे
साथ
कटी
है
बाक़ी
भी
उसी
तरह
गुज़र
जाए
तो
अच्छा
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Sahir Ludhianvi
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शिकस्ता
दिल
शब-ए-ग़म
दर्द
रुसवाई
अरे
इतना
तो
चलता
है
मुहब्बत
में
Sapna Moolchandani
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सोचता
हूँ
कि
उस
की
याद
आख़िर
अब
किसे
रात
भर
जगाती
है
Jaun Elia
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पैसा
कमाने
आते
हैं
सब
राजनीति
में
आता
नहीं
है
कोई
भी
खोने
के
वास्ते
छम्मो
का
मुजरा
सुनते
हैं
नेता
जो
रात
भर
संसद
भवन
में
आते
हैं
सोने
के
वास्ते
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Paplu Lucknawi
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रात
यूँँ
दिल
में
तिरी
खोई
हुई
याद
आई
जैसे
वीराने
में
चुपके
से
बहार
आ
जाए
Faiz Ahmad Faiz
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ये
मत
सोचना
अब
मुहब्बत
नहीं
है
उसे
बस
बताने
की
हिम्मत
नहीं
है
वफ़ा
माँगता
क्यूँ
फिरुँ
हर
किसी
से
मिरे
दिल
में
इतनी
भी
ग़ुर्बत
नहीं
है
तिरे
मन
में
जब
आए
तब
काम
करना
मुझे
अब
किसी
की
ज़रूरत
नहीं
है
मिरे
यार
कहते
हैं
'परवेज़'
मुझ
को
मुझे
माल-ओ-ज़र
की
ज़रूरत
नहीं
है
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Parvez Shaikh
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आइना
झूठ
क्यूँ
नहीं
कहता
टूटना
ही
अगर
मुक़द्दर
है
Parvez Shaikh
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किसी
को
सता
कर
तुझे
क्या
मिलेगा
मिरा
दिल
दुखा
कर
तुझे
क्या
मिलेगा
करूँँ
क्या
तिरी
याद
का
मैं
बता
अब
मुझे
यूँँ
रुला
कर
तुझे
क्या
मिलेगा
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Parvez Shaikh
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हाथ
आया
न
कुछ
मिरे
अब
तो
शा'इरी
से
गुज़ारा
कैसे
करूँँ
Parvez Shaikh
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तेरी
तस्वीर
को
सीने
से
लगा
रक्खा
है
मैंने
इक
राज़
को
ही
दिल
में
बसा
रक्खा
है
आ
ही
जाता
है
तू
हर
बार
मिरे
ख़्वाबों
में
तेरी
ही
याद
ने
दीवाना
बना
रक्खा
हैं
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Parvez Shaikh
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