saath jeene ka tere haq jo agar mil jaata | साथ जीने का तेरे हक़ जो अगर मिल जाता

  - Parvez Shaikh
साथजीनेकातेरेहक़जोअगरमिलजाता
दिलमिराबाग़केफूलोंकीतरहखिलजाता
ख़ुदकोमैंगरबचापाताहसीनाओंसे
जानसेमेराहमेशाकेलिएदिलजाता
लश्करीआँखोंसेबचताअगरमैंउसकी
ख़ाकमेंख़ुदमैंहमेशाकेलिएमिलजाता
मेरामुश्किलमेंकोईसाथनहींदेताअगर
क़त्लकरकेजोमेरासिरकोईक़ातिलजाता
रंगउड़जातातेरेरूख़काभी'परवेज़मियाँ'
तूवफ़ाकेबनेख़ंजरसेअगरछिलजाता
  - Parvez Shaikh
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