zindagi se raha ab gilaa hi nahin | ज़िन्दगी से रहा अब गिला ही नहीं

  - Harpreet Kaur
ज़िन्दगीसेरहाअबगिलाहीनहीं
हसरतोंकातोहोतासिराहीनहीं
हिस्सेमेंआएशौहरकेहीनख़रेअब
प्यारइक़रारसाकुछमिलाहीनहीं
चाँदतारोंकीदेखीझलकखिड़कीसे
आरज़ूओंकासूरजदिखाहीनहीं
येनज़रफोनमेंघूमतीरहतीहै
इससेेबढ़करकोईअबनशाहीनहीं
अजनबीबनकेरहतेजोअपनेभीहैं
कैसेरिश्तेनिभातेपताहीनहीं
फूलखिलतेहैंमौसमकेहीआनेपे
इनदरख़्तोंकीकोईख़ताहीनहीं
प्रीतकहतीहैशादीतोहोतीबदी
सारीदुनियामेंऐसीसज़ाहीनहीं
  - Harpreet Kaur
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