kya hi karna yuñ nafrat se takraar se | क्या ही करना यूँँ नफ़रत से तकरार से

  - Harpreet Kaur
क्याहीकरनायूँँनफ़रतसेतकरारसे
ज़िन्दगीकोजियाजाएफिरप्यारसे
बातबनसकतीजबलहजाहोमीठासा
ज़हरभरकेज़बाँक्यूँकरेंवारसे
रातयूँँरौशनीपानाहैचाहती
दिलतोचाहेमुहब्बतयूँँदिलदारसे
इसदिखावेबनावटकेदीवानेसब
क्याख़रीदोगेदुनियाकेबाज़ारसे
'प्रीत'कहतीजोनीयतरखेंनेकसी
येज़मानाचलेंऐसेकिरदारसे
  - Harpreet Kaur
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