ओढ़करयादोंकाकंबलयूँँगुज़रतायेदिसम्बर
धुन्धकीचादरमेंलिपटासासिमटतायेदिसम्बर
ज़िन्दगीजानेनकिसकोढूँढतीरहतीहमेशा
मुट्ठीभरसीधूपपानेकोतरसतायेदिसम्बर
वक़्तकीफ़ितरतरुकेबिनबढ़तेचलनाइसकोहरपल
चाहकेभीफिरकहाँजाकेठहरतायेदिसम्बर
सर्दसीइसरातकीतन्हाईमेंअश्कोंमेंगुमसे
यूँँअकेलेकाँपतासाफिरसिहरतायेदिसम्बर
जबलगेगुलज़ारहोनेसेलगेहैंफिरगुलिस्ताॅं
आगयाहैलेबहारोंकोनिखरतायेदिसम्बर