उलझतीज़िंदगीकितनेहीअंजानेसवालोंसे
रहेयेजूझतीहरदमहक़ीक़तऔरख़्यालोंसे
लगाएबैठीतन्हाईयहाँपेऐसेहैडेरा
परतअबदर्दकीहटतीनहींग़मजकड़ेजालोंसे
नजानेगुमकहाँचाबीहुईमुस्कानकीप्यारी
लगापहराहैदरवाज़ेउदासीकेहीतालोंसे
निकलनाचाहतेबाहरअँधेरोंसेहीमनकेअब
येदुनियादेखनीहैखिड़कियोंआतेउजालोंसे
बुलातीप्रीतकोराहेंहमेशासेयूँँबढ़तेचल
हैफिसलनजोज़राचलनासँभलजीवनकीढालोंसे