labon pe ab hamaare koii afsaana nahin rehta | लबों पे अब हमारे कोई अफ़साना नहीं रहता

  - Harpreet Kaur
लबोंपेअबहमारेकोईअफ़सानानहींरहता
बदलतेहरघड़ीहालातसेशिकवानहींरहता
दिखावेकीबनावटकीरहीदुनियाहैयेसारी
हमारीसादगीकाकोईदीवानानहींरहता
रहेअरमानयेअश्कोंमेंऐसेभीगतेबहते
किजैसेडूबतीकश्तीकाभीदरियानहींरहता
मिलाहरइकयहाँबेगानासाबनकरकेहमसेेतो
जोदेतासाथऐसाकोईअपनासानहींरहता
समझलेंप्रीतहँसकेज़िंदगीऐसेबितानीहै
यूँँछोटी-छोटीबातोंपेकभीरोनानहींरहता
  - Harpreet Kaur
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy