mukammal sii ghazal men darde dil shaamil zaroori hai | मुकम्मल सी ग़ज़ल में दर्दे दिल शामिल ज़रूरी है

  - Harpreet Kaur
मुकम्मलसीग़ज़लमेंदर्देदिलशामिलज़रूरीहै
मुहब्बतसेभरेअश'आरहोंकाबिलज़रूरीहै
सफ़रयेज़िन्दगीकामुश्किलोंसेहीचलाकरता
डगरकाँटोंभरीचाहेमिलेंमंज़िलज़रूरीहै
समुंदरकीजानेकोईगहराईजहाँभरमें
मचलतीसीयेजोलहरेंमिलेंसाहिलज़रूरीहै
ज़मानेमेंफ़रेबीऔरझूठोंकाठिकानासा
बशरजीनेकीहीख़ातिरबनेफ़ाज़िलज़रूरीहै
ख़ुदानेबख़्शीजोयेनेमतेंहमकोहैसारीही
ख़ुदाईपानेकोचलबननाफिरकामिलज़रूरीहै
  - Harpreet Kaur
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