hunar aurat ka bharna siskiyaan hain | हुनर औरत का भरना सिसकियाँ हैं

  - Harpreet Kaur
हुनरऔरतकाभरनासिसकियाँहैं
बहाआँसूकरेंबदनामियाँहैं
चलेइनसेहीतोबाज़ारसारा
सँवरकरयेगिरातीबिजलियाँहैं
करेंजोबदतमीज़ीइनसेफिरतो
येजानेकड़कड़ानापसलियाँहैं
बिनाइनकेनहींघरमेंहोरौनक़
रहेआबादइनसेबस्तियाँहैं
रसोईघरयाहोखेलोंकामैदान
येजीतेहरजगहपेबाज़ियाँहैं
रहेहरबातमेंअव्वलहीहरदम
लगीक्यूँइनपेफिरपाबंदियाँहैं
जोयेमनमर्ज़ीसेजीनाभीचाहे
तोहिस्सेआतीबसबदनामियाँहैं
रखेजोध्यानसबकाहीहमेशा
यहाँमिलतीउसेतन्हाइयाँहैं
ज़माना'प्रीत'कीबातेंसमझे
छुपीऔरतमेंसारीख़ूबियाँहैं
  - Harpreet Kaur
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