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Praveen Bhardwaj
chaaho mujhe to rok lo lag jaao seene se
chaaho mujhe to rok lo lag jaao seene se | चाहो मुझे तो रोक लो लग जाओ सीने से
- Praveen Bhardwaj
चाहो
मुझे
तो
रोक
लो
लग
जाओ
सीने
से
मैं
जा
रहा
हूँ
आँख
से
ओझल
नहीं
हुआ
- Praveen Bhardwaj
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दूर
इक
सितारा
है
और
वो
हमारा
है
आँख
तक
नहीं
लगती
कोई
इतना
प्यारा
है
छू
के
देखना
उसको
क्या
अजब
नज़ारा
है
तीर
आते
रहते
थे
फूल
किसने
मारा
है
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Kafeel Rana
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ज़िंदगी
इक
फ़िल्म
है
मिलना
बिछड़ना
सीन
हैं
आँख
के
आँसू
तिरे
किरदार
की
तौहीन
हैं
Sandeep Thakur
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तिलिस्म-ए-यार
ये
पहलू
निकाल
लेता
है
कि
पत्थरों
से
भी
ख़ुशबू
निकाल
लेता
है
है
बे-लिहाज़
कुछ
ऐसा
की
आँख
लगते
ही
वो
सर
के
नीचे
से
बाजू
निकाल
लेता
है
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Tehzeeb Hafi
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सुखा
ली
सबने
ही
आँखें
हवा
ए
ज़िन्दगी
से
यहाँ
अब
भी
वही
रोना
रुलाना
चल
रहा
है
Farhat Ehsaas
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देर
तक
आँख
मुसीबत
में
पड़ी
रहती
है
तुम
चले
जाते
हो,
तस्वीर
बनी
रहती
है
Fauziya Rabab
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कमाल
ये
है
मुझे
देखती
हैं
वो
आँखें
मलाल
ये
है
उन्हें
देखना
नहीं
आता
Dilawar Ali Aazar
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वो
जिस
ने
आँख
अता
की
है
देखने
के
लिए
उसी
को
छोड़
के
सब
कुछ
दिखाई
देता
है
Zubair Ali Tabish
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आँसू
हमारे
गिर
गए
उन
की
निगाह
से
इन
मोतियों
की
अब
कोई
क़ीमत
नहीं
रही
Jaleel Manikpuri
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निगाह-ए-शोख़
का
क़ैदी
नहीं
है
कौन
यहाँ
किसे
तमन्ना
नहीं
फूल
चूमने
को
मिले
Aks samastipuri
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तेरी
निगाह-ए-नाज़
से
छूटे
हुए
दरख़्त
मर
जाएँ
क्या
करें
बता
सूखे
हुए
दरख़्त
हैरत
है
पेड़
नीम
के
देने
लगे
हैं
आम
पगला
गए
हैं
आपके
चू
में
हुए
दरख़्त
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Varun Anand
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इस
सफ़र
के
आख़िर
में
भी
हैं
सफ़र
कोई
मंज़िल
नहीं
कोई
ठिकाना
नहीं
इन
रास्तों
पर
मिली
बेसुमार
मुहब्बत
मुझे
अब
कुछ
और
कमाना
नहीं
शहर
वालों
भूल
जाओ
की
अब
लौटेंगे
हमें
इस
दफ़ा
गाँव
से
वापस
जाना
नहीं
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Praveen Bhardwaj
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वो
इश्क़
में
भी
रहते
हैं
जो
होश
में
कहते
हैं
झूठ
उनको
मोहब्बत
है
नहीं
Praveen Bhardwaj
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तुम्हें
हक
है
की
सज़ा-ए-मौत
दो
हमें
हमारा
हक
है
की
पहले
गुनाह
साबित
हो
Praveen Bhardwaj
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कभी
तो
हम
दरख़्तों
से
भी
पूछो
क्या
हमें
ग़म
है
नहीं
है
डाल
पर
इक
फल
नहीं
हैं
घोंसला
कोई
Praveen Bhardwaj
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लोग
मरने
लगे
हैं
अब
हवा
के
लिए
इतनी
जद्दोजहद
एक
दवा
के
लिए
हमें
वक़्त
रहते
ये
जान
लेना
हैं
की
कोई
खर्च
नहीं
लगता
दु'आ
के
लिए
हम
सेे
भी
पूछिये
हमारा
हाल-चाल
और
अपना
भी
ख़याल
रखें
ख़ुदा
के
लिए
अकेलापन
भी
मार
सकता
हैं
इस
वक़्त
किसी
को
छोड़
मत
देना
कज़ा
के
लिए
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Praveen Bhardwaj
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