tujhko meri kamii khalegi kya | तुझको मेरी कमी ख़लेगी क्या

  - Pranjal Joshi
तुझकोमेरीकमीख़लेगीक्या
तूबिनामेरेजीसकेगीक्या
रुख़्सतीरूहकीजोजिस्मसेहो
चैनकीसाँसतबमिलेगीक्या
यक-ब-यकरू-ब-रूअगरहमहो
सोचताहूँतूतब,कहेगीक्या
एकदरियाहैचश्ममेंमेरी
प्यासरुख़सारकीमिटेगीक्या
धुंधलीहोचलीनज़रतबभी
आँखकातारातूकहेगीक्या
मैंकहींकानहींरहाअबतो
अबभीतूमेरीहीरहेगीक्या
अच्छामेरीग़ज़लमेंआनाहै
सोचलेदर्दलेसकेगीक्या
  - Pranjal Joshi
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