andhere ki ana ko is tarah bachaaya hai | अंधेरे की अना को इस तरह बचाया है

  - Pranjal Joshi
अंधेरेकीअनाकोइसतरहबचायाहै
तमामउम्रफिरदीएकोजलायाहै
बदनकोकितनाकिरायादूँऔरसांसोंका
बदनभीकौनसामेराहैयेपरायाहै
उमीदथीतेरेज़ुल्फ़ोंकेसाएकीमुझको
मगरनसीबमेंदीवारकाहीसायाहै
मेरेबदनमेंकईंलाशेंदफ़्नहैंयानी
फ़क़तमुझेहीचितापरनहींसुलायाहै
तेरेफिराक़मेंअबक्याकहूँकिक्याहुआहै
हवाकोखायागयापानीकोचबायाहै
चलोकिअबकरोतैयारमुझकोमिलकेसभी
किसीनेलंबेसफ़रपरमुझेबुलायाहै
ख़ुशीसेमेरात'अल्लुककुछऐसाहै"प्रांजल"
केएकमोरजोबंजरमेंमुस्कुरायाहै
  - Pranjal Joshi
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