आतीहैजबफ़लकसेसदाकोईरोतेहुए
चलतीहैतबहवाएकबारिशकोढोतेहुए
रहतीहैबे-हिसीऔरचुप-चापमैंबैठकर
आबकोदेखताहूँनिशाँकोईधोतेहुए
घरकेसबनूरकोखारहीहैंमिरीख़्वाहिशें
हरतरफ़याँअँधेराहैसूरजकेहोतेहुए
इसलिएभीनहींबुनतामैंख़्वाबइनरातोंमें
तकताहैरोज़येसहर-ए-ग़ममुझकोसोतेहुए
टूटाजबतारातोआँखेंहरएकनेमूँदलीं
कोईतोदेखताआसमाँकोभीरोतेहुए