kya koi zamaane men sitamgar nahin hota | क्या कोई ज़माने में सितमगर नहीं होता

  - Parwaz Noorpuri
क्याकोईज़मानेमेंसितमगरनहींहोता
होताहैमगरआपसेबढ़करनहींहोता
सीनेसेलगाताहैवहीअहल-ए-वफ़ाको
दिलजिसकातुम्हारीतरहपत्थरनहींहोता
ग़मआपकाहैमेरेलिएएकख़ज़ाना
हरइककोख़ज़ानायेमुयस्सरनहींहोता
जोसूद-ओ-ज़ियाँसोचरहाहोसर-ए-साहिल
वोबहर-ए-मोहब्बतकाशनावरनहींहोता
हमगर्दिश-ए-दौराँकेसताएहुएइंसाँ
मरजातेशिवालोंकाजोवादरनहींहोता
इसदौरमें'पर्वाज़'ख़ुदातोहैबड़ीचीज़
इंसाँकाभीदीदारमुयस्सरनहींहोता
  - Parwaz Noorpuri
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