sauda-e-ishq yuñ bhi utarna to hai nahin | सौदा-ए-इश्क़ यूँँ भी उतरना तो है नहीं

  - Parvez Sahir
सौदा-ए-इश्क़यूँँभीउतरनातोहैनहीं
येज़ख़्म-ए-रूहहैइसेभरनातोहैनहीं
सौबारआइनाभीजोदेखेंतोफ़ाएदा?
सूरतकोख़ुद-बख़ुदहीसँवरनातोहैनहीं
मुझकोख़बरहैदहरमेंज़िंदारहूँगामैं
'बुल्ल्हे'कीतरहमरकेभीमरनातोहैनहीं
जिसलहरकोनिगलगईइकलहरदूसरी
उसलहरकोदोबाराउभरनातोहैनहीं
तूजोयक़ीनकरलेकिवोहैतोफिरवोहै
शयकावजूदअस्लमेंवर्नातोहैनहीं!
धरनाईकीतरहसेजोधरनाभीदूँतोक्या?
धरतीपेउसनेफिरभीउतरनातोहैनहीं
करताहूँख़ुदहीमबहसतक़रीरसेगुरेज़
तर्क-ए-तअ'ल्लुक़आपसेकरनातोहैनहीं
वोजिसकोअपने-आपसेलगतानहींहैडर
उसकोख़ुदाकीज़ातसेडरनातोहैनहीं
क्यूँँउसकेइंतिज़ारमेंबैठाहूँदेरसे?
इसरह-गुज़रसेउसनेगुज़रनातोहैनहीं
'साहिर'येमेरादीदा-ए-गिर्यांहैऔरमैं
सहरामेंकोईदूसराझरनातोहैनहीं
  - Parvez Sahir
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