bad-bakhti men sab be-mol | बद-बख़्ती में सब बे-मोल

  - Parvez Anjum
बद-बख़्तीमेंसबबे-मोल
हीरेचुनयामोतीरोल
ख़्वाबोंकीता'बीरेंढूँड
सूरजनिकलाआँखेंखोल
सहरासहराफूलखिला
दरियादरियाज़ह्रघोल
तल्ख़-नवाईठीकनहीं
बोलहमेशामीठेबोल
कौनयहाँतुझसाख़ुद्दार
तूदरवेश-ए-बे-कश्कोल
जोकरनाहैजल्दीकर
करताक्यूँहैटाल-मटोल
चुपचुपशादीशादीक्या
शहनाईताशेढोल
तूउस्तादोंकाउस्ताद
तेरेशे'रमेंक्यूँहैझोल
आँखेंनर्गिसहोंटकँवल
बाततुम्हारीहैअनमोल
ग़ीबतकरनाठीकनहीं
हिम्मतहैतोमुँहपरबोल
पर्दा-दारीनेकीहै
भाई'अंजुम'भेदखोल
  - Parvez Anjum
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