sab hain muhtaaj faqat ek KHuda deta hai | सब हैं मुहताज फ़क़त एक ख़ुदा देता है

  - Parvez Anjum
सबहैंमुहताजफ़क़तएकख़ुदादेताहै
माँगकेदेखवोदामनसेसिवादेताहै
दिलतोफिरदिलहैवोपत्थरकोजलादेताहै
जिसकोछूदेताहैआईनाबनादेताहै
मैंकिवीरानेमेंइकफूलखिलानेसेरहा
वोकिसहराकोभीगुलज़ारबनादेताहै
दिलवोपागलहैकिरोताहैतोरोतेरोते
क़तरा-ए-अश्ककाअम्बारलगादेताहै
फूँसकाघरहैमिरेगाँवकेअंदरसबका
बुझतेशो'लोंकोयहाँकौनहवादेताहै
मुझकोअंगूरकीबेटीसेवोहासिलहुआ
तेरीआँखोंकातसव्वुरजोनशादेताहै
सरहथेलीपेलिएक़स्द-ए-सफ़रलाज़िमहै
हौसलासू-ए-यक़ींबढ़केसदादेताहै
थमगईनब्ज़मिरीसाँसकीलयलौटगई
चारा-गरछोड़देबेकारदवादेताहै
रागदीपकमेंसुनाताहैग़ज़लजब'अंजुम'
अपनीआवाज़सेवोआगलगादेताहै
  - Parvez Anjum
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