qadmon men bhi takaan thii ghar bhi qareeb tha | क़दमों में भी तकान थी घर भी क़रीब था

  - Parveen Shakir
क़दमोंमेंभीतकानथीघरभीक़रीबथा
परक्याकरेंकिअबकेसफ़रहीअजीबथा
निकलेअगरतोचाँददरीचेमेंरुकभीजाए
इसशहर-ए-बे-चराग़मेंकिसकानसीबथा
आँधीनेउनरुतोंकोभीबे-कारकरदिया
जिनकाकभीहुमासापरिंदानसीबथा
कुछअपने-आपसेहीउसेकश्मकशथी
मुझमेंभीकोईशख़्सउसीकारक़ीबथा
पूछाकिसीनेमोलतोहैरानरहगया
अपनीनिगाहमेंकोईकितनाग़रीबथा
मक़्तलसेआनेवालीहवाकोभीकबमिला
ऐसाकोईदरीचाकिजोबे-सलीबथा
  - Parveen Shakir
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