ek suraj tha ki taaron ke gharaane se utha | एक सूरज था कि तारों के घराने से उठा

  - Parveen Shakir
एकसूरजथाकितारोंकेघरानेसेउठा
आँखहैरानहैक्याशख़्सज़मानेसेउठा
किससेपूछूँतिरेआक़ाकापतारहवार
येअलमवोहैअबतककिसीशानेसेउठा
हल्क़ा-ए-ख़्वाबकोहीगिर्द-ए-गुलूकसडाला
दस्त-ए-क़ातिलकाभीएहसाँदिवानेसेउठा
फिरकोईअक्सशुआ'ओंसेबननेपाया
कैसामहताबमिरेआइना-ख़ानेसेउठा
क्यालिखाथासर-ए-महज़रजिसेपहचानतेही
पासबैठाहुआहरदोस्तबहानेसेउठा
  - Parveen Shakir
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