chot nayi hai lekin zakham puraana hai | चोट नई है लेकिन ज़ख़्म पुराना है

  - Parveen Fana Syed
चोटनईहैलेकिनज़ख़्मपुरानाहै
येचेहराकितनाजाना-पहचानाहै
सारीबस्तीचुपकीधुँदमेंडूबीहै
जिसनेलबखोलेहैंवोदीवानाहै
आओउससुक़रातकाइस्तिक़बालकरें
जिसनेज़हरकेघूँटकोअमृतजानाहै
इकइककरकेसबपंछीदमतोड़गए
भरीबहारमेंभीगुलशनवीरानाहै
अपनापड़ावदश्त-ए-वफ़ाबे-आब-ओ-गियाह
तुमकोतोदोचारक़दमहीजानाहै
कलतकचाहतकेआँचलमेंलिपटाथा
आजवोलम्हाख़्वाबहैयाअफ़सानाहै
  - Parveen Fana Syed
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