nahin dikhta apna koi dar yahaañ par | नहीं दिखता अपना कोई दर यहाँ पर

  - Prashant Parsai
नहींदिखताअपनाकोईदरयहाँपर
करूँँगामैंअबक्याठहरकरयहाँपर
नहींसुनसकेजबमिरीख़ामुशीको
करूँँक्याग़मोंकोसुनाकरयहाँपर
कोईआश्नाअजनबीबनगयाअब
बदलताहैपलभरमेंमंज़रयहाँपर
नहींजानसकतेमिरीप्यासकोतुम
हैप्यासालबालबसमुंदरयहाँपर
कीहैउसनेसोनेकीअच्छीव्यवस्था
सजायाहैकाँटोंकाबिस्तरयहाँपर
करोमतभरोसाबहारोंपेइतना
गुलोंकीजगहखिलतेपत्थरयहाँपर
दरीचेतोखुलतेहैंचीखोंकोसुनकर
नहींखुलतालेकिनकोईदरयहाँपर
बरसअबकागुज़राहैअपनाकुछ‌ऐसे
किअश्कोंसेभीगाकलैण्डरयहाँपर
मुज़य्यनहैघरचाँद-तारोंसेउनका
हैजुगनूनहींअबमुयस्सरयहाँपर
  - Prashant Parsai
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