ghar sulagta sa hai aur jalta hua sa shahar hai | घर सुलगता सा है और जलता हुआ सा शहर है

  - Parkash Tiwari
घरसुलगतासाहैऔरजलताहुआसाशहरहै
ज़िंदगानीकेलिएअबदो-जहाँकाक़हरहै
जाओलेकिनसुर्ख़शो'लोंकेसिवापाओगेक्या
सनसनातेदश्तमेंकालीहवाकाक़हरहै
दिलयेक्याजानेकिक्याशयहैहरारतख़ूनकी
जिस्मक्यासमझेकिकैसीज़िंदगीकीलहरहै
मोहब्बतमैंतिरीबेताबियोंकोक्याकरूँँ
बढ़केचश्म-ए-यारसेबरहममिज़ाज-ए-दहरहै
भररहाहूँकिसशराब-ए-दर्दसेजाम-ए-ग़ज़ल
रूहमेंकुचलेहुएजज़्बातकीइकनहरहै
ज़िंदगीसेभागकर'प्रकाश'मैंजाऊँकहाँ
घरकेबाहरक़हरहैऔरघरकेअंदरज़हरहै
  - Parkash Tiwari
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