tira ghuroor-e-abs intihaai sath pe hai | तिरा ग़ुरूर-ए-अबस इंतिहाई सत्ह पे है

  - Paras Mazari
तिराग़ुरूर-ए-अबसइंतिहाईसत्हपेहै
बुलंदीपरभीवहीहैजोखाईसत्हपेहै
फलाँगसकताहूँजितनाहैदोदिलोंकेबीच
मगरजोफ़ासलाजुग़राफ़ियाईसत्हपेहै
मुझेनहींहैज़रारंजतह-नशीनीका
मुझेख़ुशीहैचलोमेराभाईसत्हपेहै
हमऐसेदेखनेवालोंकाकोईदोषनहीं
किज़ेर-ए-सत्हकसाफ़तसफ़ाईसत्हपेहै
येकिसहुनरसेकियातुमनेख़ुदकोसैरदोस्त
किदूधपीभीलियाऔरमलाईसत्हपेहै
  - Paras Mazari
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