kya aziyyat hai mard hone ki | क्या अज़िय्यत है मर्द होने की

  - Paras Mazari
क्याअज़िय्यतहैमर्दहोनेकी
कोईभीजानहींहैरोनेकी
दायराक़ैदकीअलामतहै
चाहेअँगूठीपहनोसोनेकी
साँसफूँकीगईबड़ाएहसान
चाबीभरदीगईखिलौनेकी
ऐसीसर्दीमेंशर्तचादरहै
ओढ़नेकीहोयाबिछौनेकी
बोझजैसाथाजिसकाथामुझेक्या
मुझेउजरतमिलीहैढोनेकी
मैंजज़ीरेडुबोनेवालाहूँ
ख़ूनहींकश्तियाँडुबोनेकी
  - Paras Mazari
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy