siyaahi dhoop men hai baat kya hai | सियाही धूप में है बात क्या है

  - Pankaj Subeer
सियाहीधूपमेंहैबातक्याहै
अगरयेसुब्हहैतोरातक्याहै
हसींहोचाँदकितनाभीपरउसकी
तुम्हारेसामनेऔक़ातक्याहै
खड़ेहैंहाथमेंकश्कोललेकर
नहींमा'लूमकिख़ैरातक्याहै
झटकिएतोज़राज़ुल्फ़ेंयेभीगी
येदिलपूछेहैकिबरसातक्याहै
हैजीतादिलकोबाज़ीहारकरभी
मोहब्बतहैतोशहऔरमातक्याहै
मोहब्बतकेमोहल्लेसेहूँआया
पूछोमुझसेमेरीज़ातक्याहै
  - Pankaj Subeer
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