sar pe aayi jo aafat vo tal hi gaii | सर पे आई जो आफ़त वो टल ही गई

  - Pandit Vidya Rattan Asi
सरपेआईजोआफ़तवोटलहीगई
ज़िंदगीरंज-ओ-ग़मसेनिकलहीगई
लाखमोहतातथेदीदा-ओ-दिलसेहम
फिरभीउनकीनज़रचालचलहीगई
उम्रभरहमरहेग़मसेदामन-कशाँ
ज़िंदगीआपकेग़ममेंढलहीगई
राज़रक्खामोहब्बतकेहरराज़को
फिरभीयेबातमुँहसेनिकलहीगई
चारासाज़ोंकेअल्ताफ़काशुक्रिया
ज़िंदगीग़मकेग़ुंचोंमेंढलहीगई
आपनेलाखउसकोचाहामगर
अंजुमनमेंमिरीबातचलहीगई
लाखोंहमनेकियाज़ब्त-ए-दिलपरमगर
उनकोदेखातबीअतमचलहीगई
जबभी'आसी'मुझेवोमिलेराहमें
देखकरहमकोयेदुनियाजलहीगई
  - Pandit Vidya Rattan Asi
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy