dil bahlne ka jahaan men koi saamaan na hua | दिल बहलने का जहाँ में कोई सामाँ न हुआ

  - Pandit Jagmohan Nath Raina Shauq
दिलबहलनेकाजहाँमेंकोईसामाँहुआ
अपनाहमदर्दकभीआलम-ए-इम्काँहुआ
शिकवा-ए-हिज्रभूलेसेभीआयालबपर
रू-ब-रूउनकेमैंख़ुद-कर्दापशेमाँहुआ
हम-नशींपूछहाल-ए-दिल-ए-नाकाम-ए-अज़ल
यहीहसरतरहीपूराकोईअरमाँहुआ
बे-ख़ुदीमेंयेहैआलमतिरेदीवानोंका
फ़स्ल-ए-गुलआईमगरचाकगरेबाँहुआ
कोईक्याजानेकिक्यालुत्फ़ख़लिशहैहासिल
मेराहीदिलहैकिमिन्नत-कश-ए-दरमाँहुआ
यूँँतोहमदर्दज़मानाथाब-ज़ाहिरलेकिन
किसीसूरतसेइलाज-ए-ग़म-ए-पिन्हाँहुआ
बे-धड़कजानेकीहिम्मतहुईमहशरमें
मुँहछुपानेकेलिएदस्त-ब-दामाँहुआ
दिलबहलताभीतोकिसतरहबहलताशब-ए-ग़म
साज़-ओ-सामाँहुआनग़्मा-ए-हिर्मांहुआ
पुर्सिश-ए-हालपेआँखोंमेंभरआएआँसू
ऐसेमजबूरहुएज़ब्तभीआसाँहुआ
ज़र्रेज़र्रेसेअयाँहुस्नकीरा'नाईहै
वोहसींतूहैकिपर्दोंमेंभीपिन्हाँहुआ
मैंथामुश्ताक़तिरेजल्वेकामाया-ए-हुस्न
रहकेपर्देमेंभीतोशो'ला-ए-उर्यांहुआ
चैनसेक़ैदतअ'य्युनमेंबसरकी'शौक़'
दिलभीजमईयत-ए-ख़ातिरसेपरेशाँहुआ
  - Pandit Jagmohan Nath Raina Shauq
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy