vo baar-e-farz-e-takalluf mujhi ko dhona pada | वो बार-ए-फ़र्ज़-ए-तकल्लुफ मुझी को धोना पड़ा

  - Pallav Mishra
वोबार-ए-फ़र्ज़-ए-तकल्लुफमुझीकोधोनापड़ा
उसेरुलानेकिख़ातिरमुझेभीरोनापड़ा
वोएकहुस्नथाजिसकीथीसिर्फ़ख़्वाबमेंबूद
उसेजगानेकीचाहतमेंमुझकोसोनापड़ा
मैंदेखताहूँयेछींटेलगेंगेकिसकेहाथ
मुझेजोआजउदासीसेहाथधोनापड़ा
येक्याहुआकितिरीधुनमेंजिनसेबिछड़ेथे
उन्हींकेसामनेतुझसेबिछड़केरोनापड़ा
मैंअपनीमर्ज़ीसेइसदुनियामेंहुआकबथा
मआनीयेहैंकिमुझकोजहाँमेंहोनापड़ा
  - Pallav Mishra
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