अंधीराहोंकीउलझनमेंबेचारीघबराईरात
पहलेलहूमेंफिरआँसूमेंफिरकिरनोंमेंनहाईरात
इकपर्देकोउठजानाथाइकचेहरेकोआनाथा
कितनीहसींथीकितनीदिलकशशर्माईशर्माईरात
हरशाख़-ए-गुलमेंथीयेनर्मीग़ुंचेतकगिरजातेथे
आजहरइकटहनीपत्थरहैकैसीआँधीलाईरात
एककरिश्माइकधोकाथाएकतहय्युर-साज़ीथी
लेकिनइकआलमनेयेसमझाकिदिनसेटकराईरात
एकनयादरएकनयाघरएकनयाहंगामाहै
एकनएरहज़नकेघरइकनयामुसाफ़िरलाईरात