jab aftaab samundar men ja girata hooñ | जब आफ़्ताब समुंदर में जा गिराता हूँ

  - Osama Zakir
जबआफ़्ताबसमुंदरमेंजागिराताहूँ
तबअपनेआपसेबाहरनिकलकेआताहूँ
हसीनख़्वाबोंकोसारेहरेपरिंदोंको
झुलसतीज़ातकेसहरामेंछोड़आताहूँ
जोटूटताहैउजालोंकेशहरमेंतारा
मैंजुगनुओंकेलिएआशियाँबनाताहूँ
येमैंनहींहूँयेतेरीनज़रकाधोकाहै
तूकौनहूँमैंकिसीकोनहींबताताहूँ
  - Osama Zakir
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