sookh jaati hai mirii chashm-e-ravaan baarish men | सूख जाती है मिरी चश्म-ए-रवाँ बारिश में

  - Osama Zakir
सूखजातीहैमिरीचश्म-ए-रवाँबारिशमें
आसमाँहोतारहेअश्क-ए-फ़िशाँबारिशमें
सारेसहराईरिहाईकेतमन्नाईथे
गयालेकेहमेंक़ैसकहाँबारिशमें
घोंसलेटूटगएपेड़गिरेबाँधगिरे
गाँवपेफिरभीजवाँनश्शा-ए-जाँबारिशमें
तेरीसरसब्ज़बहारोंपेदमकतेक़तरे
लौह-ए-महफ़ूज़केकुछरम्ज़-ए-निहाँबारिशमें
लब-ए-एहसासकभीतूकिसीक़ाबिलहोजा
चूमलेमंज़िल-ए-मुबहमकेनिशाँबारिशमें
हाँफतीकाँपतीमज़बूतइरादोंवाली
बेंचपेबैठीहुईमहव-ए-गुमाँबारिशमें
पहलीटपटपहीमिरेहोशउड़ादेतीहै
नींदउड़तीहैअटकजातीहैजाँबारिशमें
आजभीडरताहूँबिजलीकेकड़ाकेसेबहुत
उसकोक़ाबूमेंकियाकरतीथीमाँबारिशमें
मेरेकमरेकामकींहब्सगलाघोंटताहै
कोईतोरम्ज़-ए-अज़िय्यतहैनिहाँबारिशमें
  - Osama Zakir
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