guzar gaya jo nazar se nazar ka hissa hai | गुज़र गया जो नज़र से नज़र का हिस्सा है

  - Om Prabhakar
गुज़रगयाजोनज़रसेनज़रकाहिस्साहै
शजरसेउड़तापरिंदाशजरकाहिस्साहै
तुम्हारादर्दअगरदर्द-ए-ना-रसाईहै
तुम्हारादर्दहमारेजिगरकाहिस्साहै
वोतुम्हारेयहाँहैवोहमारेयहाँ
उदासचूल्हाकहोकिसकेघरकाहिस्साहै
जहाँकेलोगख़ुदाकेकरमपेज़िंदाहैं
इलाक़ावोभीहमारेनगरकाहिस्साहै
सफ़रसफ़रहैसफ़रमेंपड़ावक्यामा'नी
तिरावजूदतिरीरहगुज़रकाहिस्साहै
बनारहेजोहमेशावोघरबनाहीनहीं
मकाँतुम्हारातुम्हारेसफ़रकाहिस्साहै
  - Om Prabhakar
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