fariyaad ki vo shokh sitamgaar na aaya | फ़रियाद कि वो शोख़ सितमगार न आया

  - Obaidullah Khan Mubtala
फ़रियादकिवोशोख़सितमगारआया
मुझक़त्लकूँलेहाथमेंतलवारआया
मैंपंबा-नमननर्मकियाबिस्तर-ए-तनकूँ
वोपिउक़दमधरनेकोयकबारआया
छुटआहपिछेकौनमिरेदर्दकाअहवाल
मुझदुखकीख़बरलेनेवोग़म-ख़्वारआया
जानेहैवफ़ादारमुझेदिलमनेलेकिन
दहशतसेरक़ीबाँकीवोनाचारआया
आरामगयाभूकनहींनींदगईभूल
अफ़्सोसकिवोताला'-ए-बेदारआया
बुलबुलकीनमनआसहैनितबासकीमुझकूँ
सद-हैफ़मिरेपासवोगुलज़ारआया
बाज़ार-ए-सुख़नगर्मकियाउसकीसिफ़तसूँ
मुझशे'रकाहैहातख़रीदारआया
लिखबारसहाबाग़मेंमालीकातहूरा
परसैरकतींवोगुल-ए-बे-ए-ख़ारआया
'मुबतला'येबातलिखादिलकेउपरमैं
इकरोज़मुझआग़ोशमेंवोयारआया
  - Obaidullah Khan Mubtala
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