दयार-ए-ख़्वाबसेआगेसफ़रकरनेकादिनहै
तोक्यायेक़िस्सा-ए-जाँमुख़्तसरकरनेकादिनहै
बुलावाआगयाहैफिरमुझेसहरा-नवर्दीका
यहीतोज़िंदगीकोहम-सफ़रकरनेकादिनहै
मुझेरक़्स-ए-जुनूँकरनापड़ेगाशामहोनेतक
मुदारात-ए-हुजूम-ए-दीदा-तरकरनेकादिनहै
ख़िज़ाँकीबद-हवासेीउसकेचेहरेसेहैज़ाहिर
जहाँकोमौसम-ए-गुलकीख़बरकरनेकादिनहै
येख़ाशाक-ए-समाअतख़ाकहोनाचाहतेहैं
ज़बाँकोआजअपनीशोला-गरकरनेकादिनहै
हुआहैदीदनीमंज़रज़मींसेआसमाँका
क़फ़समेंआरज़ू-ए-बाल-ओ-परकरनेकादिनहै