taqdeer pe raazi hooñ na tadbeer se KHush hooñ | तक़दीर पे राज़ी हूँ न तदबीर से ख़ुश हूँ

  - Nivesh sahu
तक़दीरपेराज़ीहूँतदबीरसेख़ुशहूँ
मैंख़्वाब-ज़दाकबकिसीता'बीरसेख़ुशहूँ
कुछरोज़सेचलनेकीरज़ाहीनहींमुझ
में
कुछरोज़सेमैंपाँवकीज़ंजीरसेख़ुशहूँ
मैंख़ुदकोबनानेकीजुगतहीनहींकरता
जैसीभीहैजोहैतेरीतामीरसेख़ुशहूँ
मिलनेकेलिएख़ुदसेनिकलनाभीतोहोगा
जान-ए-वफ़ामैंतेरीतस्वीरसेख़ुशहूँ
  - Nivesh sahu
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