apni nazon se marham lagaaoge kya | अपनी नज़रों से मरहम लगाओगे क्या

  - Nityanand Vajpayee
अपनीनज़रोंसेमरहमलगाओगेक्या
घावगहराहैइसकोसुखाओगेक्या
दोस्तीदिल-लगीयामुहब्बतकहूँ
जोभीहैआपइसकोनिभाओगेक्या
मेरेदिलमेंतोघरकरगएतुमसनम
अपनेदिलमेंमुझेभीबसाओगेक्या
तुमतोनज़रेझुकाकरकेयूँँचलदिए
इतनाशरमाकेउल्फ़तनिभाओगेक्या
वारकजरारेनैनोंकेभारीपड़े
ज़ख़्मनासूरहैंयेमिटाओगेक्या
आपकेदिलमेंइतनीचकाचौंधहै
कुछअँधेरेइधरभीघटाओगेक्या
माँकीअर्थीमेंतकआपआएनहीं
देकेकाँधामुझेफिरउठाओगेक्या
रू-ब-रूहोचुकाहूँकईमौतोंसे
ज़िंदगीसेभीमुझकोमिलाओगेक्या
जबसे'उपमन्यु'हमनेकहाअलविदा
लोगकहनेलगेदिललगाओगेक्या
  - Nityanand Vajpayee
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