मैंअपनेहीमुँहसेअजलकहरहाहूँ
नहींथीख़बरअपनाकलकहरहाहूँ
केअबहिज्रमेराकटेगातोकैसे
यहीसोचकरइकग़ज़लकहरहाहूँ
तिरीगेसुओंसेढकीहैयेआँखें
मैंआँखोंकोमोती-महलकहरहाहूँ
तुझेगरलगीहैअभीइश्क़कीलत
येआदतअभीसेबदल,कहरहाहूँ
येकैसीमुसीबतमेंडालागयाहूँ
ख़ुदीकेमुसीबतकोहलकहरहाहूँ
मिलेगानहींकोईनक्श-ए-पातुझको
नवाज़िशयेमंजिलबदलकहरहाहूँ