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Nikunj Rana
haan use baatein kuchh bataani thii
haan use baatein kuchh bataani thii | हाँ उसे बातें कुछ बतानी थी
- Nikunj Rana
हाँ
उसे
बातें
कुछ
बतानी
थी
फिर
हमें
हाँ
में
हाँ
मिलानी
थी
गर
मोहब्बत
कई
कहानी
है
तो
हमारी
भी
इक
कहानी
थी
हम
सेफ़र
तो
नए
नए
ही
है
दोस्ती
तो
बड़ी
पुरानी
थी
कारना
में
बहुत
किए
हमने
वो
भी
तो
क्या
अरे
जवानी
थी
लड़की
आईना
से
वो
सजती
है
शा'इरी
से
हमें
सजानी
थी
जाम
मय-ख़ाने
में
बचे
होते
साक़ी
ने
और
भी
पिलानी
थी
ढूँढते
हो
'निकुंज'
क्या
उसको
जो
रवानी
थी
वो
रवानी
थी
- Nikunj Rana
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अगर
हुकूमत
तुम्हारी
तस्वीर
छाप
दे
नोट
पर
मेरी
दोस्त
तो
देखना
तुम
कि
लोग
बिल्कुल
फिजूलखर्ची
नहीं
करेंगे
हमारे
चंद
अच्छे
दोस्तों
ने
ये
वा'दा
ख़ुद
से
किया
हुआ
है
कि
शक्ल
अल्लाह
ने
अच्छी
दी
है
सो
बातें
अच्छी
नहीं
करेंगे
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Rehman Faris
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आदतन
उसके
लिए
फूल
ख़रीदे
वरना
नहीं
मालूम
वो
इस
बार
यहाँ
है
कि
नहीं
Abbas Tabish
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अगर
मैं
कथा
का
क़लमकार
होता
यक़ीनन
ही
वो
तो
मिरा
यार
होता
लगाती
नहीं
हर
दफ़ा
वो
बहाने
लगा
लेती
सीने
से
गर
प्यार
होता
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Vijay Potter Singhadiya
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मैं
सात
साल
से
अब
तक
हिसार-ए-इश्क़
में
हूँ
वो
शख़्स
आज
भी
मेरे
दिल-ओ-दिमाग़
में
है
Amaan Haider
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दोनों
बिलकुल
झूठे
थे
दोनों
अब
तक
ज़िंदा
हैं
Sabeen Saif
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तबक़ों
में
रंग-ओ-नस्ल
के
उलझा
के
रख
दिया
ये
ज़ुल्म
आदमी
ने
किया
आदमी
के
साथ
Bakhtiyar Ziya
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दूर
तक
छाए
थे
बादल
और
कहीं
साया
न
था
इस
तरह
बरसात
का
मौसम
कभी
आया
न
था
Qateel Shifai
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तुम
ने
स्वेटर
बुना
था
मिरे
नाम
का
मैं
भी
लाया
था
कुछ
सर्दियाँ
जंगली
Shakeel Azmi
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प्यास
जहाँ
की
एक
बयाबाँ
तेरी
सख़ावत
शबनम
है
पी
के
उठा
जो
बज़्म
से
तेरी
और
भी
तिश्ना-काम
उठा
Ali Sardar Jafri
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है
अब
भी
बिस्तर-ए-जाँ
पर
तिरे
बदन
की
शिकन
मैं
ख़ुद
ही
मिटने
लगा
हूँ
उसे
मिटाते
हुए
Azhar Iqbal
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दे
दिए
है
दाग
अब
तो
रंग
जमना
चाहिए
बस
तिरे
इस
हाथ
में
ख़ंजर
न
दिखना
चाहिए
Nikunj Rana
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हो
सकता
है
दिलों
पर
छाने
के
बाद
किसी
दिल
में
रहे
हम
जाने
के
बाद
Nikunj Rana
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उसके
दिल
से
कोई
आख़िर
हम
निकालें
और
कैसे
जो
हक़ीक़त
है
हक़ीक़त
को
भुला
दें
और
कैसे
Nikunj Rana
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ज़्यादा
समझने
वालो
में
से
हम
हैं
ही
नहीं
कह
दो
वो
बातें
तुमने
कभी
जो
कही
नहीं
Nikunj Rana
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शाख
से
टूट
कर
काँटों
पे
आएँगे
हम
हैं
वो
फूल
कुचले
नहीं
जाएँगे
Nikunj Rana
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