na jaane kaun sa manzar nazar men rehta hai | न जाने कौन सा मंज़र नज़र में रहता है

  - Nida Fazli
जानेकौनसामंज़रनज़रमेंरहताहै
तमामउम्रमुसाफ़िरसफ़रमेंरहताहै
लड़ाईदेखेहुएदुश्मनोंसेमुमकिनहै
मगरवोख़ौफ़जोदीवार-ओ-दरमेंरहताहै
ख़ुदातोमालिक-ओ-मुख़्तारहैकहींभीरहे
कभीबशरमेंकभीजानवरमेंरहताहै
अजीबदौरहैयेतय-शुदानहींकुछभी
चाँदशबमेंसूरजसहरमेंरहताहै
जोमिलनाचाहोतोमुझसेमिलोकहींबाहर
वोकोईऔरहैजोमेरेघरमेंरहताहै
बदलनाचाहोतोदुनियाबदलभीसकतीहै
अजबफ़ुतूरसाहरवक़्तसरमेंरहताहै
  - Nida Fazli
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