kuchh tabi'at hi mili thii aisi chain se jeene ki soorat na hui | कुछ तबीअ'त ही मिली थी ऐसी चैन से जीने की सूरत न हुई

  - Nida Fazli
कुछतबीअ'तहीमिलीथीऐसीचैनसेजीनेकीसूरतहुई
जिसकोचाहाउसेअपनासकेजोमिलाउससेमोहब्बतहुई
जिससेजबतकमिलेदिलहीसेमिलेदिलजोबदलातोफ़सानाबदला
रस्म-ए-दुनियाकोनिभानेकेलिएहमसेरिश्तोंकीतिजारतहुई
दूरसेथावोकईचेहरोंमेंपाससेकोईभीवैसालगा
बे-वफ़ाईभीउसीकाथाचलनफिरकिसीसेयेशिकायतहुई
छोड़करघरकोकहींजानेसेघरमेंरहनेकीइबादतथीबड़ी
झूटमशहूरहुआराजाकासचकीसंसारमेंशोहरतहुई
वक़्तरूठारहाबच्चेकीतरहराहमेंकोईखिलौनामिला
दोस्तीकीतोनिभाईगईदुश्मनीमेंभीअदावतहुई
  - Nida Fazli
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